Saturday , December 3 2022

तू गौर कर ..

Published Date: September 25, 2016

दिशा तेरी तू कर ले तय

रास्ता मिल ही जायेगा

अभी नहीं मंज़िल दिखी

तो गौर कर

रुके बिना कदम बढ़ा

अँधेरा है तो क्या हुआ

तू गौर कर

 

ख़त्म न तलाश कर

जो कुछ कहे मन तेरा

तो गौर कर

धुंधला धुंधला कुछ नज़र में आएगा

जिस दिशा में बढ़ चला

मंज़िल उस ओर पाएगा

तू गौर कर

 

अभी तो बस चला है तूं

अभी तो बना है तूं

भटक भटक के अब कही

दिशा सही पाई है

ये रास्ता तेरा ही है

क्या कह रहा?

तू गौर कर

 

छटेंगे अँधेरे हलके हलके

जो जो तू बढ़ता जायेगा

कहे जो कुछ मन तेरा

तो गौर कर

दिख रही जो दूर है

वो खुद न चल के आएगी

कदम बढ़ा तू चल

मंज़िल तुझे पुकारती

तू गौर कर